मुख्य बातें
- जयपुर के महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध मौत हुई।
- परिवार और स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला।
- परिजनों का आरोप है कि स्कूल की कैंटीन में पेटीज खाने के बाद प्रिंस की तबीयत बिगड़ी।
- मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है।
जयपुर के महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल की कैंटीन में पेटीज खाने के बाद प्रिंस की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना ने न केवल परिवार को बल्कि स्थानीय समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रदर्शन और कैंडल मार्च
प्रिंस की मौत के बाद उसके परिवार और स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला। श्रद्धांजलि सभा के बाद बड़ी संख्या में लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर स्कूल के बाहर इकट्ठा हुए। इस दौरान उन्होंने प्रिंस को न्याय दिलाने के लिए नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
परिजनों का आरोप
परिजनों का कहना है कि प्रिंस ने स्कूल की कैंटीन में पेटीज खाई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार इस घटना की पूरी जांच चाहता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रिंस की तबीयत क्यों खराब हुई और उसकी मौत का असली कारण क्या था। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि जब तक प्रिंस को न्याय नहीं मिलेगा, उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मामले की वर्तमान स्थिति
प्रिंस सोनी की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों को मामले की जांच के नतीजे का इंतजार है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मौत की असली वजह सामने लाने की मांग की है। इस घटना ने जनआक्रोश का रूप ले लिया है, और सभी की नजर अब जांच के परिणामों पर है।






