मुख्य बातें
- गुजरात के मेहसाणा में महादेव मंदिर में दलित युवतियों के साथ विवाद हुआ।
- दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
- मामले में एट्रोसिटी और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
- पुलिस जांच से विवाद की वास्तविकता का पता चलेगा।
गुजरात के मेहसाणा जिले के आंबलीयासण गांव में महादेव मंदिर में दर्शन को लेकर एक विवाद उत्पन्न हुआ है। यह घटना 13 अगस्त की शाम को हुई, जब दलित समाज की दो युवतियों और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिससे मामला गंभीर हो गया।
घटना का विवरण
दलित युवतियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मंदिर में पूजा करने से रोका गया और जातिसूचक गालियां दी गईं। पीड़ित युवती ने उपाध्याय पिंकीबेन, उनकी बेटी बबुबेन और कौशलभाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर युवती और उसकी नाबालिग बहन के साथ हाथापाई की। नाबालिग बहन को गलत तरीके से छूने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में पॉक्सो कानून भी लगाया गया है।
दूसरे पक्ष की शिकायत
विवाद में दूसरे पक्ष की ओर से मोनिकाबेन गुरु ने क्रॉस शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, वह मंदिर के गर्भगृह में सफाई कर रही थीं और इसी कारण उन्होंने युवतियों को कुछ देर बाहर रहने के लिए कहा। मोनिकाबेन का कहना है कि युवतियों ने उन्हें धक्का देकर घायल कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
लांघणज पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। उपाध्याय पिंकीबेन, बबुबेन और कौशलभाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एट्रोसिटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों और उनके आरोपों की जांच कर रही है।
जांच का महत्व
इस विवाद ने मंदिर में प्रवेश, सामाजिक समानता और आपसी विवाद को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि मंदिर परिसर में वास्तव में क्या हुआ था। दोनों पक्षों के दावों में काफी अंतर है, और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।







