मुख्य बातें
- वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज भारत की यात्रा पर आ रही हैं।
- उनकी यात्रा 3 से 7 जून तक चलेगी, जिसमें कई द्विपक्षीय चर्चाएँ होंगी।
- रोड्रिगेज के साथ उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री शामिल हैं।
- भारत-वेनेज़ुएला संबंधों को मजबूत करने के लिए ऊर्जा, व्यापार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी।
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बुधवार को भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर पहुँचने वाली हैं। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगी। यह यात्रा 3 जून से 7 जून तक निर्धारित है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यात्रा का कार्यक्रम
रोड्रिगेज आज राष्ट्रीय राजधानी में AFS पालम पहुँचेंगी। 4 जून को, वे भारतीय पक्ष के साथ अपनी मुलाकातों की शुरुआत करेंगी, जिसमें विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बैठक शामिल है। इसके बाद, हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ आधिकारिक वार्ता होगी। यात्रा के दौरान, वे राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगी।
द्विपक्षीय चर्चाएँ
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस यात्रा के दौरान भारत-वेनेज़ुएला संबंधों की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी। चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार व निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पारंपरिक संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और वेनेज़ुएला के बीच पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। रोड्रिगेज की यह भारत की छठी यात्रा है, जिसमें वे पहले भी 2015 में विदेश मंत्री और 2019, 2023, 2024 तथा 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में आ चुकी हैं।
आर्थिक जुड़ाव और सहयोग
विदेश मंत्रालय ने बताया कि वेनेज़ुएला का प्रतिनिधिमंडल भारत के ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोटिव क्षेत्रों से जुड़े स्थलों का दौरा करेगा। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और वेनेज़ुएला के बीच द्विपक्षीय व्यापार 678.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इसके अलावा, मई 2026 में वेनेज़ुएला भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया।
विदेश मंत्रालय ने मौजूदा साझेदारियों पर भी जोर दिया, जिसमें ONGC विदेश लिमिटेड का ‘कॉरपोरेशियन वेनेज़ोलाना डेल पेट्रोलेओ’ के साथ संयुक्त उद्यम शामिल है। इसके अलावा, फार्मास्यूटिकल्स, आयुष, डिजिटल समाधान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की पहलों में हाल ही में हुए सहयोग का भी उल्लेख किया गया।












