मुख्य बातें
- भारत में नए इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स 2025 लागू, 180 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म।
- विदेशियों के लिए प्री रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, समय सीमा का पालन करना होगा।
- अस्पतालों को विदेशी नागरिकों की जानकारी सरकार को देना अनिवार्य।
- बच्चों की नागरिकता से जुड़ी नई नियमावली, 30 दिन में जानकारी देना जरूरी।
भारत में विदेशियों के लिए इमीग्रेशन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। गृह मंत्रालय ने इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स 2025 को लागू किया है, जिसके तहत 180 दिन का ग्रेस पीरियड समाप्त कर दिया गया है। अब विदेशी नागरिकों को भारत में रहने के लिए प्री रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा, जिससे अवैध प्रवास पर रोक लगाई जा सके। यह कदम सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
नए नियमों की मुख्य बातें
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी विदेशी का वीजा 180 दिन का है और वह भारत में 181वें दिन भी रहना चाहता है, तो उसे 180 दिन खत्म होने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अब कोई ग्रेस पीरियड नहीं होगा, और समय सीमा के भीतर सूचना देना कानूनी जिम्मेदारी होगी।
लंबी अवधि के वीजा पर सख्ती
एक साल या पांच साल के वीजा पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। यदि कोई विदेशी एक साल में 180 दिन से अधिक समय भारत में बिताता है, तो उसे रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
बच्चों की नागरिकता से जुड़ी नई व्यवस्था
भारत में जन्मे बच्चों के लिए भी नई नियमावली लागू की गई है। यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय है, तो उन्हें जन्म के 30 दिनों के भीतर वीजा या एग्जिट परमिट के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यदि बच्चा किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो इसकी जानकारी 30 दिनों के भीतर सरकार को देनी होगी।
अस्पतालों और नर्सिंग होम के लिए नई जिम्मेदारियां
विदेशी नागरिकों के इलाज के लिए आने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम को अब हर भर्ती विदेशी नागरिक की जानकारी सरकार को देना अनिवार्य होगा। यदि कोई संस्थान यह जानकारी छुपाता है, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
सुरक्षा और पारदर्शिता में सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों से न केवल आंतरिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि इमीग्रेशन प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी हो जाएगी। गृह मंत्रालय अब एक क्लिक पर जान सकेगा कि किस राज्य में कितने विदेशी अपनी वीजा अवधि से अधिक समय से रह रहे हैं, जिससे अवैध प्रवासियों की पहचान करना आसान होगा।












