मुख्य बातें
- पुणे के हिंजवाड़ी में आईटी भर्ती घोटाले का खुलासा हुआ है।
- कंपनी के सीईओ हर्षल ठाकरे को गिरफ्तार किया गया है।
- पीड़ितों ने नौकरी और स्टाइपेंड का वादा कर ठगी का आरोप लगाया।
- कंपनी के अन्य आरोपी फरार हैं, पुलिस जांच जारी है।
पुणे के हिंजवाड़ी क्षेत्र में थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया नामक कंपनी पर आईटी भर्ती घोटाले का आरोप लगा है। इस मामले में कंपनी के सीईओ हर्षल ठाकरे को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें नौकरी और स्थायी रोजगार का झांसा देकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
घटना का विवरण
हिंजवाड़ी फेज-2 स्थित थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया ने सैकड़ों इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स और फ्रेशर्स को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी का वादा किया था। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें बेहतर करियर का भरोसा दिलाया, लेकिन अचानक बंद हो गई। इसके बाद न तो उन्हें वेतन मिला और न ही कंपनी की ओर से कोई स्पष्टीकरण दिया गया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, अब तक लगभग 80 पीड़ितों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों के आधार पर हर्षल ठाकरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी नासिक भाग गया था और उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया था।
लैपटॉप वसूली का मामला
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इंटर्न्स से लैपटॉप देने के नाम पर प्रत्येक छात्र से 15 हजार रुपये वसूले गए थे। पुलिस के अनुसार, ये लैपटॉप कंपनी के नहीं थे, बल्कि विभिन्न वेंडर्स से लिए गए थे। एक वेंडर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके करीब साढ़े आठ लाख रुपये फंस गए हैं।
आगे की स्थिति
पुलिस ने बताया कि कंपनी के एचआर सौम्या सिंह और मैनेजर ध्रुविल पारेख भी फरार हैं। दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं और हर्षल ठाकरे ने पुलिस को बताया है कि दोनों पहले ही कंपनी से इस्तीफा दे चुके थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।












