मुख्य बातें
- कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरान के हमलों के कारण उड़ानें निलंबित की गईं।
- अमेरिका ने ईरान पर मिसाइल हमलों का आरोप लगाया, जिनमें कई लक्ष्य चूक गए।
- ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने का दावा किया, जिसमें एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया।
- अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान की गतिविधियों को लेकर नाकाबंदी का बचाव किया।
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की टी1 इमारत पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। कुवैत के अधिकारियों ने हमलों में भारी नुकसान और कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान ने कुवैत पर दो मिसाइलें दागीं, जो लक्ष्य से चूक गईं, जबकि बहरीन पर तीन मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें रोक दिया गया।
हमलों का विवरण
आज सुबह, अमेरिका ने बताया कि ईरान ने कुवैत पर दो मिसाइलें दागी, जो लक्ष्य से चूक गईं। इसके अलावा, बहरीन पर तीन मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें तुरंत नाकाम कर दिया गया। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए, जिसके बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।
ईरान का जवाब
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक मालवाहक जहाज, एमएससी सरिस्का, पर जवाबी मिसाइल हमले का दावा किया। आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने पहले ओमान सागर में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया था। इस बीच, आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि आक्रामकता की स्थिति में उनकी प्रतिक्रिया और भी कड़ी होगी।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वाशिंगटन में एक संसदीय सुनवाई में ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी को नाकाबंदी का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने युद्धविराम के दौरान अपने वादे पूरे किए होते, तो नाकाबंदी की आवश्यकता नहीं होती। रुबियो ने यह भी कहा कि ईरानी नौसेना की स्थिति बेहद खराब है।
खाड़ी में स्थिति
कुवैत और बहरीन में हमलों से कुछ घंटे पहले, खाड़ी में इराक के बंदरगाह से निकलते समय एक मालवाहक पोत पर दो मिसाइलें दागी गईं। ईरान ने दावा किया कि उसने पनामा ध्वज वाले एमएससी सारिस्का नामक पोत को एक क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया। आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला ओमान सागर में ईरानी पोत पर अमेरिकी हमले के प्रतिशोध में किया गया।












