मुख्य बातें
- बिहार के बेगूसराय में श्राद्ध के कार्यक्रम में लौंडा डांस का आयोजन हुआ।
- मृत महिला की तस्वीर के सामने डांसरों ने अश्लील गानों पर नृत्य किया।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई है।
- कुछ लोग इसे परंपरा का अपमान मानते हैं, जबकि कुछ इसे परिवार की इच्छा बताते हैं।
बिहार के बेगूसराय जिले के शिवनगर गांव में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने अपनी बुजुर्ग महिला की मौत के बाद श्राद्ध कार्यक्रम में लौंडा डांस का आयोजन किया। 19 मई को मैना देवी उर्फ जानकी देवी का निधन हुआ था, और 30 मई को उनके सम्मान में आयोजित शोक सभा में पारंपरिक भजन-कीर्तन के बजाय डांस का कार्यक्रम रखा गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बहस को जन्म दिया है।
श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन
शिवनगर गांव में 30 मई को आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में परिवार ने शांति पाठ की जगह लौंडा डांस का आयोजन किया। मृत महिला के बेटे महराना प्रताप पासवान ने इस कार्यक्रम को एक जश्न में बदल दिया। मंच पर स्वर्गवासी महिला की तस्वीर वाला बड़ा बैनर लगाया गया था, जिसके सामने डांसर अश्लील भोजपुरी और हिंदी गानों पर नाच रहे थे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में दिख रहा है कि डांसर पूरी रात थिरकते रहे, जबकि गांव के लोग इसे बड़े चाव से देख रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि देने के लिए शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह किसी शादी की पार्टी जैसा बन गया।
लोगों की प्रतिक्रियाएं
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे परंपरा का अपमान बताते हुए नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, “शोक के माहौल में ऐसा तमाशा करना बेहद शर्मनाक है।” वहीं, कुछ लोगों ने इसे परिवार का निजी मामला मानते हुए कहा कि शायद यह बुजुर्ग दादी की अंतिम इच्छा रही होगी।
समाज में चर्चा का विषय
इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना दिया है। लोग इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समाज में परंपराओं और आधुनिकता के बीच एक बड़ा अंतर है। इस मामले ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या शोक के समय में इस तरह के आयोजनों की अनुमति होनी चाहिए।












