मुख्य बातें
- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग में तेजी आ रही है।
- पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में सुरक्षा मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
- भारतीय वायुसेना ‘पिच ब्लैक’ अभ्यास में राफेल विमानों के साथ शामिल होगी।
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक और सैन्य साझेदारी में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है। ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने नई दिल्ली में ‘भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के संवाद’ के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी ऑस्ट्रेलिया यात्रा में रक्षा और सुरक्षा संबंधों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जो दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रक्षा सहयोग की मजबूती
रिचर्ड मार्लेस ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग मुख्य चर्चा का विषय होगा। यह कदम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
पिच ब्लैक अभ्यास में भागीदारी
इस संवाद के दौरान एक और महत्वपूर्ण घोषणा की गई। रिचर्ड मार्लेस ने बताया कि भारतीय वायुसेना अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में होने वाले बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास ‘पिच ब्लैक’ में भाग लेगी। इस बार भारतीय वायुसेना अपने राफेल लड़ाकू विमानों के साथ इस अभ्यास में शामिल होगी, जो दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच बढ़ती अंतर-संचालनीयता को दर्शाता है।
समुद्री सुरक्षा पर ध्यान
आगामी द्विपक्षीय शिखर वार्ता में समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होगा।
इस प्रकार, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा सहयोग में तेजी से प्रगति हो रही है, जो न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।












