मुख्य बातें
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इस्तीफे की पेशकश की है, जो IRGC के प्रभाव से जुड़ी है।
- पेज़ेश्कियन ने कहा कि उन्हें महत्वपूर्ण निर्णयों से बाहर रखा गया है।
- ईरान सरकार ने इस्तीफे की खबरों को खारिज किया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व में मतभेदों का जिक्र किया था।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बढ़ते प्रभाव के कारण सामने आई है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से फैल रही है, जबकि ईरान सरकार ने इन दावों को खारिज किया है। यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
पेज़ेश्कियन का इस्तीफे का प्रस्ताव
फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, पेज़ेश्कियन ने सुप्रीम लीडर के कार्यालय को सूचित किया है कि उन्हें और उनके प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रियाओं से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनके लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना कठिन हो गया है।
ईरान सरकार की प्रतिक्रिया
ईरान सरकार ने पेज़ेश्कियन के इस्तीफे की खबरों को गलत बताया है। IRGC से जुड़ी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने एक सरकारी सूत्र का हवाला देते हुए कहा कि पेज़ेश्कियन अभी भी अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के उप-प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने ट्विटर पर इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि पेज़ेश्कियन जनता की सेवा के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
IRGC का बढ़ता प्रभाव
पेज़ेश्कियन ने आरोप लगाया है कि ईरान की प्रशासनिक व्यवस्था अब पूरी तरह से IRGC के कमांडरों के नियंत्रण में आ गई है। इसके चलते, राष्ट्रपति और उनकी चुनी हुई सरकार को महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों से अलग कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, IRGC के कट्टरपंथी गुटों ने देश के कई अहम मामलों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिससे नागरिक संस्थाओं का अधिकार कमजोर हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व की स्थिति को “अस्त-व्यस्त” बताया था और ईरान में आंतरिक मतभेदों का जिक्र किया था। यह स्थिति ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के लिए महत्वपूर्ण है।












