मुख्य बातें
- प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने श्रद्धांजलि दी।
- सुमन की आवाज ने 1950 और 1960 के दशक में गानों को अमर बनाया।
- शरद पवार ने कहा, ‘सुमन का निधन भारतीय संगीत के सुनहरे अध्याय का अंत है।’
भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन हो गया है, जिससे संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सुमन का योगदान भारतीय संगीत में अद्वितीय था, और उनके गाने पीढ़ियों से लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
सुमन कल्याणपुर का संगीत सफर
सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत पेंटिंग की ट्रेनिंग से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने संगीत को अपनी जिंदगी बना लिया। उनकी मधुर आवाज और शास्त्रीय संगीत पर पकड़ ने उन्हें 1950 और 1960 के दशक में सबसे सम्मानित प्लेबैक सिंगर्स में से एक बना दिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उनके अमर गाने हमेशा हमारे साथ रहेंगे, लेकिन उनकी कमी हमेशा खलेगी।
नेताओं की श्रद्धांजलि
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सुमन कल्याणपुर के निधन से संगीत का ‘सुमन’ मुरझा गया है। उन्होंने बताया कि सुमन सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संगीत के एक सुनहरे युग का प्रतिनिधित्व करती थीं। उनकी आवाज की पवित्रता और भावना ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया।
शरद पवार का बयान
एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने भी सुमन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुमन की सुरीली और भावुक आवाज ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया। पवार ने यह भी कहा कि उनके गाए गए अमर गीतों ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया है और उनका प्रभाव हमेशा बना रहेगा।
अंतिम क्षणों की जानकारी
सुमन कल्याणपुर पर ‘सुमन सुगंध’ नाम की जीवनी लिखने वाली मंगला खाडिलकर ने बताया कि सुमन अंतिम समय में अपने ही गाने सुन रही थीं। उनका निधन रात करीब 8 बजे लोखंडवाला स्थित उनके आवास पर बुढ़ापे के कारण हुआ। उन्होंने बहुत शांति से अंतिम सांस ली।












