मुख्य बातें
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर अन्य विकल्प अपनाए जाएंगे।
- ट्रंप ने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का भरोसा दिलाया है, जो वार्ता के लिए सकारात्मक संकेत है।
- ईरान की सैन्य स्थिति कमजोर होने का दावा करते हुए ट्रंप ने अमेरिका के दबदबे की बात की।
- ट्रंप ने अपने कैबिनेट के साथ बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त नियमों की मांग की।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही वार्ताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका को उसकी इच्छानुसार समझौता नहीं मिलता, तो वह अन्य विकल्पों का सहारा लेगा। यह बयान ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ के लिए अपनी बहू लारा ट्रंप के साथ एक विशेष इंटरव्यू में दिया।
समझौते की स्थिति
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान एक ‘बहुत अच्छे समझौते’ के करीब हैं, लेकिन जल्दबाजी करने से बेहतर डील नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लोग अच्छे वार्ताकार हैं, लेकिन वर्तमान में सभी पत्ते अमेरिका के हाथ में हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता सफल नहीं होती, तो अमेरिका सीधे ‘युद्ध विभाग’ से संपर्क करेगा।
परमाणु हथियारों पर ईरान का रुख
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह न तो परमाणु हथियार विकसित करेगा और न ही खरीदेगा। यह ईरान के पहले के कड़े रुख से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। ट्रंप के अनुसार, यह वार्ताओं में एक सकारात्मक संकेत है।
ईरान की सैन्य स्थिति
ट्रंप ने ईरान की सैन्य स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा कि अमेरिका की कार्रवाइयों से ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अमेरिकी नेताओं के उदार रुख के कारण सैन्य कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया गया।
भविष्य की रणनीति
इस बीच, ट्रंप ने अपने कैबिनेट सहयोगियों और बड़े सैन्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की है। बैठक के बाद कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने का सुझाव दिया है। यह सुझाव अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत का एक नया दौर शुरू हो सकता है।












