मुख्य बातें
- अजीत डोभाल ने रूस में सरगेई शोइगू से मुलाकात की, जिसमें पाकिस्तान पर चर्चा हुई।
- रूस ने अफगानिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा सौदा किया है।
- इस डील के तहत तालिबान को आधुनिक हथियार और तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।
- पाकिस्तान में इस डील के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल वर्तमान में रूस के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरगेई शोइगू से मुलाकात की। इस बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद रूस ने अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब के साथ एक बड़ा रक्षा सौदा किया, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
रक्षा सौदे की मुख्य बातें
रूस और अफगानिस्तान के बीच हुए इस रक्षा सौदे के तहत तालिबान को अत्याधुनिक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, तालिबान के सदस्यों को इन हथियारों के संचालन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह सौदा पाकिस्तान के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है, क्योंकि तालिबान अब रूसी हथियारों की अनलिमिटेड सप्लाई प्राप्त करेगा।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
इस डील के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से अचानक मुलाकात की है। कुछ महीने पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एक एयर स्ट्राइक की थी, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे। अब अफगानिस्तान के पास रूसी हथियारों के साथ पलटवार करने की क्षमता होगी, जिससे पाकिस्तान की स्थिति और भी कमजोर हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका और पाकिस्तान दोनों ही इस डील को लेकर चिंतित हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रूस ने एक रणनीतिक स्थिति में प्रवेश किया है, जो उनके लिए चिंता का विषय है। वहीं, पाकिस्तान के पत्रकार और पूर्व सैन्य अधिकारी रूस की निंदा कर रहे हैं, यह कहते हुए कि रूस कभी भी पाकिस्तान का मित्र नहीं हो सकता।
डोभाल की भूमिका
अजीत डोभाल की रूस में हुई मुलाकातें केवल औपचारिक नहीं थीं, बल्कि इनका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य था। पिछले कुछ महीनों में डोभाल ने कई बार रूस के अधिकारियों से मुलाकात की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत और रूस के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।












