मुख्य बातें
- उत्तर प्रदेश में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती की योजना बनाई गई है।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत दिया।
- बरेली में सबसे अधिक 888 पद खाली हैं, अन्य जिलों में भी स्थिति गंभीर है।
- आधिकारिक नोटिफिकेशन बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी होगा।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने नगरीय परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर सहायक अध्यापकों की भर्ती की योजना बनाई है। इस भर्ती में 11,508 सहायक अध्यापकों और 10,000 अनुदेशकों की नियुक्ति की जाएगी। यह कदम राज्य के सभी 75 जिलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है।
भर्ती प्रक्रिया की जानकारी
भर्ती से संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन जल्द ही बेसिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर वेबसाइट पर नजर रखें, ताकि आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही वे आवेदन कर सकें। नोटिफिकेशन में भर्ती की प्रक्रिया, योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
खाली पदों की स्थिति
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरेली में सबसे अधिक 888 पद खाली हैं। इसके बाद कानपुर नगर में 758, मेरठ में 635, अलीगढ़ में 492, सहारनपुर में 448, लखनऊ में 444, गाजियाबाद में 405, आगरा और फर्रुखाबाद में 315-315, मथुरा में 255, और अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। छोटे जिलों में भी शिक्षकों की आवश्यकता है, जैसे हापुड़ (108), प्रतापगढ़ (107), और हमीरपुर (105)।
भर्ती का महत्व
इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य नगरीय स्कूलों में बढ़ती छात्र संख्या के बीच शिक्षकों की कमी को पूरा करना है। कई स्कूलों में लंबे समय से पद खाली हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग का मानना है कि नई नियुक्तियों से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और बच्चों को नियमित शिक्षक मिल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर आगे भी भर्तियां बढ़ाई जा सकती हैं।












