मुख्य बातें
- गुरुग्राम पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ठगी के एक गिरोह का पर्दाफाश किया।
- दिल्ली के जनकपुरी में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस ने आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए।
- मुख्य आरोपी निशांत और शोएब को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गुरुग्राम पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का खुलासा किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को दिल्ली के जनकपुरी इलाके में की गई, जहां पुलिस ने छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निशांत, अर्जुन कुमार, हर्ष, तनुज उर्फ नोनू, शोएब और समरजीत के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क और गेमिंग पैनल का संचालन कर रहे थे।
साइबर फ्रॉड का सेटअप
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 31 मोबाइल फोन, 9 लैपटॉप, 9 एटीएम कार्ड, 43 सिम कार्ड, तीन बैंक खातों से जुड़े चेकबुक और पासबुक के अलावा तीन कार्ड स्वाइप मशीनें बरामद कीं। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग और वित्तीय लेनदेन के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देने में किया जा रहा था।
ऑनलाइन गेमिंग का तरीका
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी किसी अन्य व्यक्ति के निर्देश पर ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट संचालित कर रहे थे। वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गेमिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार करते थे और नए ग्राहकों को जोड़ते थे। इच्छुक ग्राहक वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाते थे और QR कोड के जरिए भुगतान करते थे। इसके बाद आरोपी ग्राहकों की गेमिंग आईडी में पॉइंट्स या कॉइन जोड़ते थे।
मुख्य आरोपी की तलाश
आरोपियों ने बताया कि उन्हें बैंक अकाउंट किट, सिम कार्ड और QR कोड WhatsApp के जरिए एक अन्य व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस अब उस मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। मानेसर साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
गुरुग्राम के साइबर ACP गौरव फोगाट ने बताया कि मुख्य आरोपियों निशांत और शोएब को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जाएगी।












