मुख्य बातें
- ईरान की पीजीएसए ने अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा की और कार्य जारी रखने का संकल्प लिया।
- अमेरिका ने पीजीएसए पर होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों से जबरन वसूली का आरोप लगाया।
- पीजीएसए ने गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों के आवागमन की अनुमति देने का वादा किया।
- अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने पीजीएसए को विशेष रूप से नामित नागरिकों की सूची में शामिल किया।
ईरान की नई संस्था, फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (पीजीएसए), ने हाल ही में अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इस प्राधिकरण ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन का प्रबंधन करते हुए, अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह युद्ध और कूटनीति के माध्यम से नियंत्रण हासिल करने में विफल रहा है। यह मामला वैश्विक समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
पीजीएसए की प्रतिक्रिया
पीजीएसए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिकी वित्त विभाग ने हाल ही में उस पर प्रतिबंध लगाए हैं। प्राधिकरण ने इस कार्रवाई को एक सकारात्मक उपलब्धि के रूप में देखा है, यह कहते हुए कि अमेरिका समुद्री डकैती पर गर्व करता है। पीजीएसए ने स्पष्ट किया कि वह बिना किसी रुकावट के गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों के आवागमन की अनुमति देने का कार्य जारी रखेगा।
अमेरिका का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों ने पीजीएसए पर आरोप लगाया है कि यह संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के साथ मिलकर वाणिज्यिक जहाजों से जबरन वसूली करती है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने पीजीएसए को विशेष रूप से नामित नागरिकों की सूची में शामिल किया है। इस कदम का उद्देश्य ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है।
आर्थिक आक्रोश अभियान
अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरानी सेना का यह नवीनतम प्रयास वैश्विक समुद्री व्यापार से जबरन वसूली का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के हथियार कार्यक्रमों और आतंकवादी संगठनों के वित्तीय स्रोतों को कमजोर करने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।
भविष्य की गतिविधियाँ
पीजीएसए ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य प्रबंधन पर्यवेक्षण क्षेत्र की सीमाओं को परिभाषित किया है। प्राधिकरण ने यह सुनिश्चित किया है कि वह बिना किसी रुकावट के अपने कार्यों को जारी रखेगा, भले ही अमेरिका की उकसाने वाली कार्रवाइयाँ जारी रहें।












