मुख्य बातें
- म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने बोधगया में प्रार्थना की।
- यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच बौद्ध विरासत को दर्शाती है।
- बिहार के राज्यपाल ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।
- यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर आयोजित की गई है।
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने शनिवार को बिहार के गयाजी जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर में प्रार्थना के साथ अपनी पांच दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और म्यांमार के बीच गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करना है।
भारत में राष्ट्रपति का स्वागत
यू मिन आंग ह्लाइंग के भारत पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राज्यपाल ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति का अभिनंदन किया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है।
महाबोधि मंदिर का दौरा
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने बोधगया में पवित्र महाबोधि मंदिर का दौरा किया, जो बौद्ध धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। इस मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वता को देखते हुए, यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझा बौद्ध विरासत को रेखांकित करती है।
यात्रा का महत्व
यह यात्रा 30 मई से 2 जून तक चलेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आयोजित की गई है। राष्ट्रपति के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसमें कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख व्यापारिक नेताओं शामिल हैं। यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच निरंतर सहयोग को और मजबूत करने का एक अवसर है।












