मुख्य बातें
- अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने ट्रंप की भूमिका की सराहना की।
- भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने का श्रेय ट्रंप को दिया गया।
- हेगसेथ ने भारत को अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति का महत्वपूर्ण भागीदार बताया।
- भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है।
सिंगापुर में शांग्री-ला संवाद के दौरान, अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ विकसित हो रही दोस्ती का भी उल्लेख किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।
ट्रंप की भूमिका पर जोर
हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान, जो दोनों परमाणु सक्षम देश हैं, के बीच शांति समझौता कराने में कुशलता दिखाई। उन्होंने पिछले साल जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के संदर्भ में यह बात कही। हालांकि, भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि यह समझौता सीधे तौर पर हुआ था और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है।
भारत की रणनीतिक भूमिका
हेगसेथ ने भारत को अमेरिका की हिंद-प्रशांत रणनीति में एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर भी प्रकाश डाला। उनका मानना है कि भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे को सुरक्षा संबंधी चिंताओं के नजरिए से देखेंगे, और यह स्वाभाविक है कि दोनों देश अपने-अपने सुरक्षा हितों को प्राथमिकता देंगे।
सुरक्षा चिंताओं का संदर्भ
हेगसेथ ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक-दूसरे से स्वाभाविक खतरे महसूस करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ खतरों को अलग-अलग तरीके से देखा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी देश पर उंगली नहीं उठाई जा रही है और न ही उन्हें खतरा बताया जा रहा है।












