मुख्य बातें
- ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीनी सैन्य विमानों और जहाजों की बढ़ती संख्या की पुष्टि की।
- 16 चीनी विमानों ने ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया।
- ताइवान के सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और जवाबी कार्रवाई की।
- चीन का ताइवान पर दावा एक जटिल ऐतिहासिक और राजनीतिक मुद्दा है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र में चीनी सैन्य गतिविधियों की बढ़ती संख्या की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, 16 चीनी विमानों, आठ नौसैनिक जहाजों और तीन सरकारी जहाजों की मौजूदगी का पता चला है। ये सभी विमान ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी भाग के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर चुके हैं।
चीनी सैन्य गतिविधियों का विवरण
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शनिवार सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के 16 विमानों, 8 नौसैनिक जहाजों और 3 सरकारी जहाजों की गतिविधियों का पता चला। इनमें से सभी 16 विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया। ताइवान के सशस्त्र बलों ने इस स्थिति पर नजर रखी और आवश्यकतानुसार जवाबी कार्रवाई की।
पिछले घटनाक्रम
इससे पहले, 29 मई को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने 10 चीनी विमानों, 8 नौसैनिक जहाजों और 4 सरकारी जहाजों की मौजूदगी की सूचना दी थी। उस समय भी सभी 10 विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया था। ताइवान के सशस्त्र बलों ने उस समय भी स्थिति पर नजर रखी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 मई को ताइवान के मुद्दे पर बातचीत करते हुए कहा था कि अमेरिका इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि ताइवान के मुद्दे पर उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक सकारात्मक बैठक हुई थी। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ने इस स्थिति को अच्छी तरह से संभाल रखा है।
ताइवान पर चीन का दावा
ताइवान पर चीन का दावा एक जटिल मुद्दा है, जो ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों पर आधारित है। बीजिंग का मानना है कि ताइवान चीन का अभिन्न अंग है, और यह दृष्टिकोण राष्ट्रीय नीति और घरेलू कानूनों द्वारा समर्थित है।












