डिजिटल प्लेटफार्मों पर अभिनेता का अधिकार संरक्षण का प्रयास
हाल ही में एक प्रसिद्ध अभिनेता ने अपने नाम, छवि और पहचान के दुरुपयोग को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके पक्ष में अस्थायी आदेश जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया जब ऑनलाइन कई अवैध सामग्री सामने आई, जिसमें यह भी दावा किया गया कि अभिनेता ने अपनी पूर्व पत्नी सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) को धोखा दिया है। इन सामग्री में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से निर्मित दृश्य और आपत्तिजनक सामग्री भी शामिल थी, जिस पर अभिनेता ने कड़ी आपत्ति जताई।
अधिकारों का उल्लंघन और सोशल मीडिया पर फैलती नकारात्मकता
अभिनेता के वकील वैभव गग्गर ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इन वायरल हो रही सामग्री का उद्देश्य सीमा लांघना है। उन्होंने कहा कि ये पोस्ट निष्पक्ष आलोचना नहीं बल्कि जानबूझकर ट्रोलिंग का हिस्सा हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि कुछ पोस्टों ने बिना किसी आधार के अभिनेता पर आरोप लगाए कि उन्होंने सामंथा के करियर को बर्बाद करने का प्रयास किया। कानूनी टीम ने यह भी बताया कि ऑनलाइन फैली विकृत और अनुचित सामग्री में अश्लीलता भी शामिल है, जो अभिनेता की पहचान का दुरुपयोग कर रही है। इन सभी मुद्दों ने उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत गरिमा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
सामाजिक और पेशेवर प्रभाव के साथ बढ़ती चिंता
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि नागा चैतन्य (Naga Chaitanya) ने तेलुगु फिल्म उद्योग में अपने मजबूत करियर का निर्माण किया है और उनके लाखों प्रशंसक हैं। इस तरह की भ्रामक और अपमानजनक सामग्री का प्रसार न केवल उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उनके पेशेवर जीवन को भी प्रभावित करता है। इस मामले में अदालत का हस्तक्षेप डिजिटल दुरुपयोग के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित सामग्री के बढ़ते प्रभाव के बीच। अभिनेता का यह कदम ऑनलाइन उत्पीड़न और झूठी खबरों के अनियंत्रित प्रसार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।












