पंजाब नगर निकाय चुनावों का परिणाम राजनीतिक परिदृश्य को बदलने वाला
पंजाब के नगर निकाय चुनावों के परिणाम ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है, जबकि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपेक्षाकृत कम सफल रहीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों का प्रभाव आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीतियों और राजनीतिक समीकरणों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
नगर निगम, परिषद और पंचायतों में AAP का प्रभावशाली प्रदर्शन
शाम 8 बजे तक प्राप्त रुझानों के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में अपनी स्थिति मजबूत की है। आठ नगर निगमों में से पांच पर पार्टी ने कब्जा जमाया है, जिनमें बरनाला, मोहाली, मोगा, बठिंडा और बटाला शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस को कपूरथला नगर निगम में सफलता मिली है। भाजपा ने अबोहर नगर निगम में जीत हासिल की है, जबकि पठानकोट नगर निगम में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन पूर्ण बहुमत से वंचित रह गई।
नगर परिषद और वार्ड स्तर पर भी AAP का दबदबा कायम
राज्य की 75 नगर परिषदों में से 40 पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने 18 परिषदों पर कब्जा किया है, जबकि शिरोमणि अकाली दल को 10 परिषदों में सफलता मिली है। भाजपा ने चार परिषदें जीती हैं, और तीन पर निर्दलीय या अन्य उम्मीदवार विजेता रहे हैं। इसके अलावा, नगर पंचायत चुनावों में भी AAP ने अपनी स्थिति मजबूत की है, जहां 20 में से 11 नगर पंचायतों पर पार्टी का कब्जा रहा। कुल मिलाकर, राज्य के 104 निकायों में से AAP ने 56 पर जीत हासिल कर अपनी प्रमुखता कायम रखी है। वार्ड स्तर पर भी पार्टी का प्रभाव स्पष्ट है, जहां 1977 वार्डों में से 958 पर उसने जीत दर्ज की है।












