प्रवर्तन निदेशालय में नई भर्ती से आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण मजबूत होगा
केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने एजेंसी में बड़े पैमाने पर नई पदों की मंजूरी दी है, जिससे इसकी कार्यबल में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। लंबे समय से चली आ रही कैडर रिव्यू प्रक्रिया को अब स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत ईडी की कुल कर्मचारी संख्या 2000 से बढ़कर 3000 से अधिक हो जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि बढ़ते आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय जांच के मामलों का तेजी से समाधान किया जा सके।
ईडी में नई भर्तियों का विस्तार और पदों की संख्या में वृद्धि
नई व्यवस्था के तहत सबसे अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी, विशेष रूप से जांच विभाग में। अतिरिक्त निदेशक के पद 10 से बढ़कर 24 हो गए हैं, वहीं जॉइंट डायरेक्टर के पद 28 से बढ़कर 49 हो गए हैं। डिप्टी डायरेक्टर की संख्या 148 से बढ़कर 267 हो गई है, और असिस्टेंट डायरेक्टर के पद 255 से बढ़कर 531 हो गए हैं। इसके अलावा एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 355 से बढ़कर 606 हो गए हैं, और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 425 से बढ़कर 803 हो गए हैं। सरकार ने केवल जांच विभाग ही नहीं, बल्कि कानूनी और तकनीकी विभागों में भी नए पद जोड़ने की मंजूरी दी है। इसमें एडजुडिकेशन विंग, सिस्टम विभाग, मंत्रालयी स्टाफ और सुरक्षा शाखा में भी पदों की संख्या बढ़ाई गई है। सुरक्षा विभाग में सीनियर सिपाही के पद भी बढ़ाए गए हैं, जिससे मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अधिक तेज़ी से पूरी हो सकेगी।
ईडी का कार्य और भर्ती प्रक्रिया का महत्व
प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार की प्रमुख एजेंसी है, जो मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन और बड़े आर्थिक अपराधों की जांच करती है। यह एजेंसी वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्यरत है। ईडी को छापेमारी, पूछताछ, संपत्ति जब्त करने और गिरफ्तारी जैसे अधिकार प्राप्त हैं। सबसे अधिक चर्चा असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर (एईओ) पद की भर्ती को लेकर होती है, जिसे कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की सीजीएल परीक्षा के माध्यम से चुना जाता है। इसके अलावा, कई वरिष्ठ अधिकारी जैसे आईएएस, आईपीएस और आईआरएस सेवाओं से प्रतिनियुक्ति पर भी ईडी में तैनात किए जाते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में एसएससी सीजीएल के टियर-1 और टियर-2 परीक्षा के बाद दस्तावेज़ सत्यापन किया जाता है, और सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय विभागों में की जाती है।












