नासिक में टीसीएस महिला कर्मचारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के मामले में तेज़ जांच
महाराष्ट्र के नासिक शहर में टीसीएस (TCS) कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन शोषण, छेड़छाड़ और धर्मांतरण के प्रयासों से जुड़ी घटनाओं की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। हाल ही में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों के खिलाफ 1500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसके बाद, नासिक पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि इन मामलों से संबंधित आठ और आपराधिक मामलों में भी अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत कर दी गई है। इससे पहले देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में भी पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।
सख्त कार्रवाई और आरोपियों की पहचान
नासिक पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज आठ अलग-अलग FIR की जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई है। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों में राजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, तौसीफ बिलाल अत्तार, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान, शफी भीखन शेख और आसिफ आलम अंसारी जैसे कई नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने महिला कर्मचारियों के साथ छेड़छाड़, यौन शोषण, मानसिक दबाव और धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया।
मामले की जांच और कानूनी धाराएं
पुलिस ने बताया कि इन मामलों में भारतीय दंड संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा का उल्लंघन, आपराधिक धमकी, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और संगठित अपराध से संबंधित धाराएं शामिल हैं। इससे पहले, देवलाली कैंप थाने में दर्ज एक मामले में करीब 1500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई थीं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और यदि नए साक्ष्य मिलते हैं, तो पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है। इस पूरे मामले को लेकर नासिक में व्यापक चर्चा हो रही है और पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।












