बेरमो अस्पताल की लापरवाही से नौ वर्षीय बच्चे की मौत
झारखंड के बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल में स्थित सीसीएल केंद्रीय अस्पताल ढोरी की कथित अनदेखी ने एक नन्हे बच्चे की जिंदगी छीन ली है। आरोप है कि अस्पताल से चास के निजी अस्पताल के लिए रेफर किए गए गंभीर रूप से बीमार बच्चे को ले जा रही एंबुलेंस में रास्ते में ऑक्सीजन की आपूर्ति समाप्त हो गई, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान फुसरो नगर परिषद के अंतर्गत ढोरी बस्ती बड़कीटांड़ निवासी नौ वर्षीय अमरजीत कुमार के रूप में हुई है। यह घटना सोमवार की रात की बताई जा रही है।
मृतक बच्चे की मां का आरोप और अस्पताल की प्रतिक्रिया
मृतक बच्चे की मां रीना देवी ने बेरमो थाना में दिए गए आवेदन में बताया कि सोमवार रात अचानक अमरजीत की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे रात करीब नौ बजे सीसीएल केंद्रीय अस्पताल ढोरी में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए चास-बोकारो के मुस्कान हॉस्पिटल रेफर कर दिया। लगभग 11:15 बजे एंबुलेंस से बच्चे को चास के लिए रवाना किया गया।
रीना देवी का आरोप है कि एंबुलेंस में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मौजूद नहीं थी। जैसे ही वह तुपकाडीह के पास पहुंची, ऑक्सीजन खत्म हो गई। इसके बाद बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और परिजन कुछ भी कर पाने में असमर्थ रहे। परिजनों के अनुसार, उनकी आंखों के सामने ही अमरजीत ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और जनता का आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने सीसीएल ढोरी के महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कुछ समय के लिए सड़क जाम कर दी। बाद में प्रशासन और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने ऑक्सीजन खत्म होने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि एंबुलेंस में लगे सिलेंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन मौजूद थी। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












