झारखंड के गढ़वा जिले में भीषण गर्मी ने जीवन को किया प्रभावित
झारखंड के गढ़वा जिले में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जीवन के सभी पहलुओं पर असर पड़ा है। इस भीषण गर्मी ने इंसानों के साथ-साथ जानवरों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं, खासकर पानी की कमी के कारण जंगली जीव जंतुओं को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में क्षेत्र के वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए एक स्थानीय निवासी ने अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
पानी और भोजन की व्यवस्था कर जानवरों को राहत दे रहे हैं स्थानीय निवासी
स्थानीय लोगों के अनुसार, पंकज यादव उर्फ विहारी यादव रोजाना बंदरों के लिए पानी और भोजन का इंतजाम कर रहे हैं। वह नियमित रूप से पानी से भरे बर्तन रखते हैं और बंदरों को चना, बिस्किट जैसे खाद्य पदार्थ खिलाते हैं। बढ़ती गर्मी और सूखते जलस्रोतों के कारण वन्य जीवों के सामने भोजन और पानी का संकट गहरा गया है, जिससे वे मानव बस्तियों की ओर आने को मजबूर हो गए हैं।
जंगलों की कटाई और जलस्रोत सूखने से वन्य जीवों की स्थिति गंभीर
गर्मी के कारण जंगलों में पानी की कमी और पेड़ों की कटाई तेजी से बढ़ने लगी है, जिससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। जलस्रोत सूखने से बंदर और अन्य जानवर भोजन और पानी की तलाश में गांव और बाजार क्षेत्रों में आने लगे हैं। इस परिस्थिति में विहारी यादव का यह प्रयास जानवरों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है।
उनकी इस पहल से स्थानीय समुदाय में जागरूकता भी बढ़ी है और कई लोग इसे सराहनीय कदम मान रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के प्रयास से पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक संदेश फैलता है।
विहारी यादव का कहना है कि आधुनिकता की दौड़ में जंगलों की कटाई लगातार हो रही है, जिससे वन्य जीवों का प्राकृतिक आशियाना खत्म हो रहा है। उनका मानना है कि जैसे इंसानों का जीवन महत्वपूर्ण है, वैसे ही पशु-पक्षियों का भी जीवन अधिकार है। गर्मी के दिनों में उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
उनकी इस मानवता भरी पहल की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है और लोग इसे जीव प्रेम और जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं।












